NCR में प्रदूषण पर पाबंदियों का पहरा, लेकिन गाजियाबाद की सड़कों पर खुले डंपरों का राज!
AQI 430 पार!
नोएडा-ग्रेटर नोएडा में जहरीली हवा से हाहाकार, गुरुग्राम में वर्क फ्रॉम होम की सलाह
गाजियाबाद में मिट्टी से भरे खुले डंपर प्रशासन की प्रदूषण नियंत्रण व्यवस्था पर उठा रहे सवाल
NEWS1UP
संवाददाता
नोएडा/गाजियाबाद। दिल्ली-NCR में प्रदूषण का स्तर लगातार खतरनाक होता जा रहा है। नोएडा का AQI 430 और ग्रेटर नोएडा का 429 तक पहुंचने के बीच प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए पाबंदियां बढ़ाई जा रही हैं। नमो भारत और दिल्ली मेट्रो के अतिरिक्त फेरे चलाने का फैसला हुआ है, जबकि गुरुग्राम में निजी कंपनियों को 50 प्रतिशत कर्मचारियों से वर्क फ्रॉम होम कराने की सलाह दी गई है।

लेकिन इन तमाम कवायदों के बीच गाजियाबाद की सड़कों पर खुलेआम दौड़ते मिट्टी से भरे डंपर प्रशासन की तैयारियों पर ही सवाल खड़े कर रहे हैं। बिना ढके मिट्टी लेकर चलते ये भारी वाहन सड़क पर धूल उड़ाते हुए हवा में और जहर घोल रहे हैं। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि जब एक तरफ प्रदूषण रोकने के लिए तमाम पाबंदियां लगाई जा रही हैं, तो दूसरी तरफ खुले डंपरों पर प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं दिखाई दे रही ? क्या प्रदूषण नियंत्रण की जिम्मेदारी केवल आम वाहन चालकों और नागरिकों तक ही सीमित है ?

नमो भारत की 20 अतिरिक्त ट्रिप, मेट्रो भी बढ़ाएगी फेरे
प्रदूषण और निजी वाहनों का दबाव कम करने के लिए दिल्ली-मेरठ RRTS कॉरिडोर पर नमो भारत ट्रेन के प्रतिदिन 20 अतिरिक्त फेरे चलाए जाएंगे। ये सेवाएं सराय काले खां से मेरठ के मोदीपुरम तक उपलब्ध होंगी। दिल्ली मेट्रो भी रोजाना 20 अतिरिक्त फेरे लगाएगी। इससे गाजियाबाद और आसपास के यात्रियों को सार्वजनिक परिवहन का अतिरिक्त विकल्प मिलेगा।
नोएडा-ग्रेटर नोएडा में AQI 430 के करीब
उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, नोएडा का AQI 430, ग्रेटर नोएडा का 429 और दिल्ली का 423 तक पहुंच गया है। गाजियाबाद और मेरठ में भी प्रदूषण की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। दिल्ली-NCR में GRAP के तहत पाबंदियां लागू हैं। दिल्ली में एक नवंबर से BS-4 वाहनों पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।

गुरुग्राम में 50 प्रतिशत कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम की सलाह
गुरुग्राम में AQI 400 पार होने के बाद जिला प्रशासन ने निजी कंपनियों और IT सेक्टर को 50 प्रतिशत कर्मचारियों से घर से काम कराने की सलाह दी है। सरकारी कार्यालयों और स्थानीय निकायों के समय में भी बदलाव किया गया है, ताकि एक साथ सड़कों पर निकलने वाले वाहनों की संख्या कम हो सके।
नमो भारत ऐप पर मिलेगी पार्किंग की लाइव जानकारी
NCRTC ने नमो भारत कनेक्ट ऐप में पार्किंग की लाइव उपलब्धता देखने की सुविधा जोड़ी है। यात्री स्टेशन पहुंचने से पहले ही पार्किंग की स्थिति जान सकेंगे। गाजियाबाद, आनंद विहार और न्यू अशोक नगर जैसे स्टेशन मेट्रो, रेलवे और बस सेवाओं से भी जुड़े हैं।
पाबंदियां आम लोगों पर, खुले डंपरों पर कार्रवाई कब ?
प्रदूषण से निपटने के लिए सार्वजनिक परिवहन के फेरे बढ़ाना और निजी कंपनियों को वर्क फ्रॉम होम की सलाह देना निश्चित रूप से जरूरी कदम हैं। लेकिन गाजियाबाद की सड़कों पर खुले डंपरों से उड़ती मिट्टी इन प्रयासों की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
प्रशासन को यह भी बताना होगा कि बिना ढके निर्माण सामग्री और मिट्टी ढोने वाले वाहनों के खिलाफ कितनी कार्रवाई की जा रही है। आखिर प्रदूषण नियंत्रण के नियमों का पालन कराने की जिम्मेदारी किसकी है ? जब तक सड़कों पर धूल उड़ाने वाले ऐसे वाहनों पर सख्ती नहीं होगी, तब तक प्रदूषण के खिलाफ चल रही कवायद अधूरी ही नजर आएगी।
